अंतर्ज्ञान का महत्व :-
अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता प्रचलन में है यह उस तर्कसंगत मानसिकता से बहुत दूर है जिसका उपयोग हम तर्कसंगत रूप से दुनिया का विश्लेष्ण करने के लिए करते है। जिसे हम आईक्यू टेस्ट से मापते है।
जो लोग अपने सहज ज्ञान की आवाज को सुनते है, वे पिछले अनुभवों, भावनाओं सहित अपने सच्चे आत्म से जुड़ सकते है। जो मनुष्य को उसकी रचनात्मक समाधान तक पहुंचने में मदद करता है। मनुष्य जब कोई गलत काम करने के बारे में सोचता है तब कोई अज्ञात संकेत उसे रोकने की कोशिश करता है। हम उस संकेत को चाहे माने ना माने पर बार-बार हमें चेतावनी भरे संकेत जरूर देता रहता है। इस प्रकार के अदृश्य संकेत हमें हमारा अंतर्ज्ञान ही देता है ये मनुष्य के जीवन पर निर्भर करता है की वह अपने भीतर की आवाज सुने या नहीं। लेकिन जो यह आवाज सुनता और मानता है वह बेहतर जीवन जी पाता है। यह किसी ऐसे व्यक्ति के लिए कठिन है जो खुद को नहीं पहचानता है रचनात्मक विचार नहीं सोच पता और महज अपनी आवश्यक्ताओं के आधार पर निर्णय लेता है।
अपने मन की आवाज पर भरोसा करता है। मन की आवाज आपके अवचेतन की आवाज है। जब आप तेजी से कोई प्रतिक्रिया करना चाहते है तो यह एक खास पल के लिए एक जल्दी मिलने वाला जवाब है।
अंतर्ज्ञान युक्त लोग बहुत चौकस होते है। उनके पास चीजों पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण होता है और आसानी से प्रभावित नहीं होते है साथ ही साथ आप दुनिया के साथ एक अच्छा और मजबूत संबंद भी स्थापित करते है।
अंतर्ज्ञान से मनुष्य जान जाता है की कुछ करने का समय सबसे अच्छा कब होता है वह बता सकता है की कब उससे झूठ बोला जा रहा है और कब सच।
अंतर्ज्ञान से मनुष्य के अंदर धैर्य और दूरदृष्टि रहती है। जिससे वह सही समय पर सही फैसला ले सकता है। धैर्य को समय के साथ विकसित कर सकते है। बुद्धिमान लोग हमेशा धैर्य का सही मूल्य जानते है और लाभ उठाते है।
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अपने मन की आवाज पर भरोसा करता है। मन की आवाज आपके अवचेतन की आवाज है। जब आप तेजी से कोई प्रतिक्रिया करना चाहते है तो यह एक खास पल के लिए एक जल्दी मिलने वाला जवाब है।
यह भी पढ़ें अंतर्ज्ञान क्या है ?
आप किसी को बहुत अच्छी तरह से नहीं जानते है। लेकिन आपके भीतर से एक आवाज आती है की आपको उससे कोई संबंद बनाने से बचना चाहिए। आप ऐसा क्यों महसूस करते है ? जब इस तरह की सवेदनाएँ आपके दिमाग में आती है तो यह आपका अंतर्ज्ञान ही है जो आपको संदेश भेज रहा है।अंतर्ज्ञान युक्त लोग बहुत चौकस होते है। उनके पास चीजों पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण होता है और आसानी से प्रभावित नहीं होते है साथ ही साथ आप दुनिया के साथ एक अच्छा और मजबूत संबंद भी स्थापित करते है।
अंतर्ज्ञान से मनुष्य जान जाता है की कुछ करने का समय सबसे अच्छा कब होता है वह बता सकता है की कब उससे झूठ बोला जा रहा है और कब सच।
अंतर्ज्ञान से मनुष्य के अंदर धैर्य और दूरदृष्टि रहती है। जिससे वह सही समय पर सही फैसला ले सकता है। धैर्य को समय के साथ विकसित कर सकते है। बुद्धिमान लोग हमेशा धैर्य का सही मूल्य जानते है और लाभ उठाते है।

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