वीरभद्रासन:
यह आसन हाथों, कंधों, जांघों एवं कमर की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। वीरभद्रासन एक संस्कृत का शब्द है जो दो शब्दों से मिलके बना हैं जिससे पहला शब्द ‘‘वीर‘‘ है जिसका अर्थ है ‘‘योद्धा‘‘ और दूसरा शब्द ‘‘भद्र‘‘ है जिसका अर्थ ‘‘मित्र‘‘ होता है। इस आसन का नाम भगवान शिव के अवतार, एक अभय योद्धा के नाम पर रखा गया। योद्धा वीरभद्र की कहानी, उपनिषद की अन्य कहानियों की तरह, जीवन में प्रेरणा प्रदान करती है।
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वीरभद्रासन कैसे करें:-
- वीरभद्रासन करने की विधिः
- वीरभद्रासन योगासनों से सबसे आकर्षक आसन है। यह योगाभ्यास में सुन्दरता एवं कृतज्ञता लाता है।
- पैरों को 3 से 4 फुट की दूरी पर फैला कर सीधे खड़े हो जाऐं।
- दाहिने पैर को 90 डिग्री और बाएं पैर को 45 डिग्री तक घुमाऐं।
- जांच करें - दाहिना एड़ी बाऐं पैर के सीध में रखें।
- दोनों हाथों को कंधो तक ऊपर उठाऐं, हथेलिया आसमान की तरफ खुले होने चाहिए।
- जांच करें - हाथ जमीन के समांतर हो।
- सांस छोड़ते हुए दाहिने घुटने को मोड़े।
- जांच करें - दाहिना घुटना एवं दाहिना टखना एक सीध में होना चाहिए। घुटना टखने से आगे नहीं जाना चाहिए।
- सर को घुमाएं और अपनी दाहिनी ओर देखें।
- आसन में स्थिर होकर हाथों को थोड़ा और खीचें।
- धीरे से श्रोणि को नीचे करें। एक योद्धा की तरह इस आसन में स्थिर रहें और मुस्कुराते रहें। नीचे जाने तक सांस लेते और छोड़ते रहें।
- सांस लेते हुए ऊपर उठें।
- सांस छोड़ते वक्त दोनों हाथों को बाजू से नीचे लाए।
- बाएं तरफ से इसे दोहराएं।
वीरभद्रासन से लाभ:-
- हाथ, पैर और कमर को मजबूती प्रदान करता है।
- शरीर में संतुलन बढाता है, सहनशीलता बढती है।
- बैठ कर कार्य करने वालों के लिए अत्यन्त लाभदायक है।
- कंधो के जकड़न में अत्यन्त प्रभावशाली है।
- कंधो के तनाव को तुरंत मुक्त करता है।
- साहस, कृपा एवं शांति की वृद्धि करता है।
वीरभद्रासन की सावधानियांः-
- उच्च रक्तचाप वाले यह आसन न करें।
- वीरभद्रासन गर्भवती महिलाओं के लिए दूसरे और तीसरे तिमाही में अत्यन्त लाभदायक है आप इस आसन को करते समय दिवार का सहारा ले। इस आसन को करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
- अगर आप रीढ की हड्डी के विकारों से पीड़ित है य किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं तो चिकित्सक से परामर्श ले कर ही ये आसन करें।
- अगर आप दस्तग्रस्त है य हाल में ही इससे पीड़ित थे तो यह आसन न करें।
- अगर आप को घुटनों में दर्द है या गठिया की बीमारी है तो घुटनों के पास सहारे का उपयोग करें।

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