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शवासन, प्रक्रिया, लाभ | Shavasana (corpse pose)

शवासन 

शव-मृत शरीर:

        इस आसन को यह नाम इसलिए मिला है क्योंकि इसमें एक मृत शरीर के समान आकार लिया जाता है। शवासन विश्राम करने के लिए है और अधिकांश पूरे योगासन क्रम के पश्चात किया जाता है। क्रियाशीलता के साथ आरम्भ होता है और विश्राम में समाप्त होता है। यह वह स्थिति है जब आपके शरीर को पूर्ण विश्राम मिलता है।
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शवासन करने की प्रक्रिया:-

  • बिना तकिये या किसी भी वस्तु का सहारा लिए पीठ के बल लेट जाऐं। यदि आवश्यकता हो तो अपनी गर्दन के नीचे एक छोटा तकिया लगा सकते है। आंखें बंद कर ले।
  • अपने पैरों को आराम से फैला ले और अपने घुटनों व पंजे केा पूर्ण विश्राम दे। दोनों पैरों की उंगलियां एक दूसरे के विमुख होनी चाहिए।
  • अपने हाथों को शरीर के साथ रखें परन्तु वे आपके शरीर को न छुएं। हथेलियां आसमान की ओर फैली हुई।
  • अपना ध्यान शरीर के हर अंग पर धीरे-धीरे लेकर जाएं और अपने पूरे शरीर को विश्राम दें।
  • अपना ध्यान दाहिने पंजे पर ले जाएं और फिर दाहिने घुटने पर ले जाएं। इस प्रकार पूरे दाहिने पैर अपना ध्यान ले जाएं और उसके पश्चात बहिनी पैर पर अपना ध्यान ले जाएं।
  • धीरे-धीरे शरीर के हर एक अंग को विश्राम देते हुए सिर पर अपना ध्यान ले जाएं।
  • धीमी और गहरी सांसे ले और हर सांस लेते हुए विश्राम करें। अंदर आती हुई हर सांस आपको ऊर्जा देती है और बहार जाती हुई हर सांस आपको विश्राम देती है। अपने मन में उठ रही उत्तेजना, शीघ्रता अथवा किसी भी चीज पर ध्यान न दें। सिर्फ अपने शरीर और मन के साथ रहे। अपने पूरे शरीर को धरती पर समर्पित कर दे और विश्राम करें। ध्यान दे के आप यह आसन करते हुए सो न जाएं।
  • 10..10 मिनट के बाद, जब आप पूर्णतः विश्राम की स्थिति में पहुंच जाएं तब अपनी आंखे बंद रखते हुए अपनी दाहिनी ओर करवट लें। उस स्थिति में 1 मिनट तक रहे। 
  • अपने दाहिने हाथ का सहारा लेते हुए उठ कर बैठ जाएं। अपनी आंखों को बंद रखते हुए कुछ लंबी गहरी सांसे ले और धीरे से अपना ध्यान वापस अपने वातावरण और शरीर की ओर लेकर आएं। 
  • जब आप पूर्णता का अनुभव करें तो अपनी आंखें धीरे से खोल सकते है। 


शवासन के लाभ:-

  •  आसन शरीर को स्थिर करने के लिए सबसे उत्तम आसन है और वात दोश को शरीर में ठीक करता है।
  • शवासन करने से व्यक्ति एक गहरी ध्यान की स्थिति में पहुंच जाता है जो शरीर को तनाव से मुक्त करती है और कोशिकाओं को पूर्णतः ठीक करती है। योगाभ्यास के पश्चात शवासन करने से आप गहरे ध्यान की स्थिति में जा सकते है।
  • आसन निम्न रक्त-चाप, इंसोम्निया और एंग्जायटी के मरीजों के लिए बहुत अच्छा है।
  • आसन के अभ्यास से आपका शरीर पुनः ऊर्जा से भर जाता है। यह पूर्ण योगाभ्यास के क्रम को खत्म करने के लिए सबसे उत्तम आसन है, मुख्यतः जब आपने योगासन तेज गति से किया हो।


शवासन के अंतर्विरोध:-

शवासन को करने के केाई भी अंतर्विरोध नहीं हैं। यदि आपको किसी डाॅक्टर ने जमीन पर सीधा लेटने के लिए मना किया हो तो यह आसन न करें।

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