पश्चिमोतानासन: -
पश्चिमोतानासन संस्कृत भाषा का शब्द है, जहां पश्चिम का अर्थ पीछे की ओर (west direction) उत्तान का अर्थ खिंचना या तानना (stretched) और आसन का अर्थ (pose) है। इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर के पिछले हिस्से अर्थात रीढ़ की हड्डी (spine) में खिंचाव उत्पन्न होता है, इस कारण इस आसन को पश्चिमोतानासन कहा जाता है।
पश्चिम-पश्चिम, उत्तान - खिंचाव, आसन - मुद्रा
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पश्चिमोतानासन करने की विधि:-
- पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं, रीढ़ की हड्डी सीधी रहे, अंगुलियां तनी हुई।
- सांस भरते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और खींचे।
- सांस छोड़ते हुए, कूल्हों के जोड से आगे झेकें, ठुड्डी पंजों की ओर, रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, घुटनों पर झुकने की बजाय अपना ध्यान पंजों की ओर बढ़ने पर केंद्रित करें।
- अपने हाथों को पैरों पर रखें, जहां भी वो पहुंचते हो, बिना अतिरिक्त प्रयास के। यदि आप अपने पंजो को पकड़कर खींच सके तो आपको आगे झुकने में मदद मिलेगी। सांस भरते हुए धीरे से सिर को उठाएं ताकि रीढ़ की हड्डी में खींचाव पैदा हो जाए।
- सांस लेते हुए अपने सिर को थोड़ा ऊपर उठाऐं और अपनी रीढ़ को लम्बा करें।
- सांस छोड़ते हुए हल्के से नाभि को घुटने की ओर ले जाऐं।
- प्रक्रिया को 2-3 बार दोहराऐं।
- सिर को नीचे झुका ले और 20-60 सेकंड तक गहरी सांस ले।
- हाथों को भरते हुए अपने हाथों की ताकत से वापस आते हुए आराम से बैठ जाऐं।
- सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे ले आऐं।
पश्चिमोतानासन के लाभ:-
- पीठ के निचले, जांघो व कूल्हों की मांसपेशियों का व्यायाम इस आसान द्वारा हो जाता है।
- उदर व निचले उदर के अंगों की मालिश इस आसन द्वारा हो जाती है।
- कन्धों का व्यायाम।
- सही तरीके से पश्चिमोतानासन का अभ्यास करते समय पेट की मांसपेशियां खिंचती है जिसके कारण पेट और उसके आसपास की जगहों पर जमी चर्बी दूर हो जाती है।
- यह एक ऐसा आसन है जिसका प्रतिदिन अभ्यास करने से नपुंसकता दूर हो जाती है और व्यक्ति के यौन शक्ति में वृद्धि होती है। इसके आलावा पेट और श्रोणि अंग भी अच्छे तरीके से टोन हो जाते है।
पश्चिमोतानासन में सावधानियां:-
- पीठ एवं कमर में दर्द के साथ ही डायरिया से पीड़ित व्यक्ति को यह आसन नहीं करना चाहिए।
- स्लिप डिस्क साइटिका, अस्थमा और अल्सर जैसे रोगों से पीड़ित लोगों को यह आसन करने से परहेज करना चाहिए।
- यदि शरीर में किसी प्रकार की सर्जरी हुई हो तो यह आसन करने से बचना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को पश्चिमोतानासन करने से बचना चाहिए।
- यदि पेट के किसी अंग का ऑपरेशन हुआ हो तो पश्चिमोतानासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

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