मकर अधोमुख स्वानासन
मकर अधोमुख स्वानासन एक मध्यम स्तर का ताजगी प्रदान करने वाला योगासन है। यह आसन पेट की मांसपेसियों को पुष्टि प्रदान करता है। यह डाॅलफिन आसन का एक और प्रकार है। मकर अधोमुख स्वानासन को Dolphin Plank Pose के नाम से भी जाना जाता है। मकर अधोमुख स्वानासन चार शब्दों से मिलकर बना है मकर, अधो, मुख और स्वान जिसमें मकर अर्थात डाॅलफिन, अधो यानी नीचे की ओर, मुख यानी फेस और स्वान अर्थात कुत्ता।
मकर अधोमुख स्वानासन, डाॅलफिन पाॅज और प्लैंक पोज का संयुक्त रूप होता है। इस योग आसन का लक्ष्य आर्म बैलेंस में सधार करना है। डाॅलफिन प्लैंक पोज उन लोगों के लिए एक उत्कृष्ट अभ्यास है जो अपनी बाहों, कंधों में ताकत लाने की इच्छा रखते है। इस आसन द्वारा कंधे से पैरों तक शरीर की सभी मांसपेशियों को एक अच्छा खिंचाव प्रदान होता है। मकर अधोमुख स्वानासन के नियमित अभ्यास से बांहों और पैरों को मजबूती मिलती है।
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मकर अधोमुख स्वानासन करने की विधिः-
- स्वानासन की स्थिति में आ जाऐं और अपने शरीर के वजन को धीरे से आगे की ओर ले आयें।
- कंधे कलाइयों के सीध में हों इसका ध्यान रखें।
- धीरे से अग्र बांहों को जमीन से स्पर्श कराने तक नीचे ले आयें, इस समय आप की हथेलियां जमीन पर टिकी हुई होनी चाहिए।
- पैरों को सीधा रखते हुए अपनी एड़ी को पांव का अंगूठे के सीध में ले आयें।
- अपनी दृष्टि जमीन पर स्थिर रखते हुए कमर और घुटने सीधा रखें।
- अगर संभव हो तो हथेलियां एक दूसरे की ओर होनी चाहिए।
- सांस लेते हुए पेट की मांसपेसियों को अंदर खीचें और छोड़ते हुए विश्राम प्रदान करें।
- इसी स्थिती में कुछ देर सांस लेते रहें और छोड़ते रहें। इसके पश्चात पुनः अधोमुख स्वानासन में वापस आ जाऐं।
नौसिखियों के लिए मकर अधोमुख स्वानासन:-
नये-नये योगाभ्यास आरम्भ करने वाले व्यक्ति यह आसन घुटनों के बल पर रह कर भी सकते है। शरीर के भार को सहारा देने के लिए सर के नीचे योगा ब्लाॅक्स का उपयोग कर सकते है।
मकर अधोमुख स्वानासन के लाभः-
- यह आसन बांहों और पैरों को मजबूती प्रदान करता है।
- पेट की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है।
- यह आस सरदर्द, थकान और कमरदर्द में अत्यन्त प्रभावशासली है।
- पाचन क्रिया को संयोजित करता है।
- स्त्रियों को मासिक धर्म में होने वाले पीड़ा को कम करने में सहायक है।
मकर अधोमुख स्वानासन में सावधानियांः-
- आपको अगर कमर, गला या रीढ़ की हड्डी में दर्द हो या चोट लगी हो तो यह आसन किसी अनुभवी शिक्षक की देख-रेख में ही करें।
- अगर व्यायाम करने वाले व्यक्ति को किसी कंधे या कूल्हे की चोट है तो इसका प्रयोग किया जाना चाहिए।
- यदि उच्च रक्तचाप और आंख या कान संक्रमण हो तो इस आसन को ना करें।

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